वाइल्ड न्यूट्रिशस का जन्म बालाघाट, मध्य प्रदेश में हुआ — जबलपुर संभाग का एक ज़िला, जो सतपुड़ा पर्वतमाला के दक्षिण-पूर्वी छोर के पास और वैनगंगा नदी की ऊपरी घाटी में बसा है। अपनी प्राकृतिक समृद्धि, कृषि परंपरा और समृद्ध जैव-विविधता के लिए जानी जाने वाली इस धरती ने हमें एक ऐसा ब्रांड बनाने की प्रेरणा दी जो प्रकृति, पोषण और आधुनिक कृषि नवाचार को एक साथ लाए।
साधारण शुरुआत
हमारी यात्रा बहुत छोटे स्तर पर, मिट्टी के छोटे कमरों में ऑयस्टर मशरूम उगाने से शुरू हुई। सीमित संसाधनों के साथ हमने मशरूम उगाए और स्थानीय बाज़ारों में पहुँचाए। आर्थिक कठिनाइयों और संसाधनों की कमी ने हर कदम पर हमारी परीक्षा ली, फिर भी हमारा लक्ष्य स्पष्ट रहा और हम गुणवत्ता-केंद्रित मशरूम उत्पादन के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहे।
विज्ञान के साथ विकास
कृषि में हमारी शिक्षा और मशरूम की खेती की तकनीकी समझ ने हमें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। समय के साथ हमने अपनी उत्पादन प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और पेशेवर बनाया।
इसी यात्रा में हमने फ़ंक्शनल मशरूम की ओर विस्तार किया — गैनोडर्मा ल्यूसिडम (रीशी), कॉर्डिसेप्स, शिटाके और लायन्स मेन। इन विशेष मशरूमों को स्वच्छ परिस्थितियों में सावधानी से प्रसंस्कृत कर सुखाया जाता है, और फिर प्रीमियम सूखे मशरूम उत्पादों के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।
बटन मशरूम, और आज हम कहाँ हैं
बाद में वाइल्ड न्यूट्रिशस ने बटन मशरूम के उत्पादन और प्रसंस्करण में कदम रखा, ताकि प्रीमियम गुणवत्ता के ताज़े और प्रसंस्कृत मशरूम उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।
आज हम एक बढ़ती हुई मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण इकाई हैं, जो जैविक-केंद्रित खेती के सिद्धांतों, स्वच्छ उत्पादन प्रथाओं और एकसमान गुणवत्ता पर चलती है। हमारा उद्देश्य केवल मशरूम उगाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए कृषि के नए अवसर बनाना और प्रकृति से मिलने वाला पोषण भरोसेमंद, प्रीमियम रूप में पहुँचाना भी है।
हमारा लक्ष्य
हमारा लक्ष्य बड़ा है: नवीन किस्मों, बढ़ाए जा सकने वाले उत्पादन और टिकाऊ आपूर्ति शृंखला के माध्यम से एशिया की सबसे बड़ी और सबसे भरोसेमंद मशरूम इकाई बनना। हम नई मशरूम प्रजातियों, शोध-आधारित खेती की तकनीकों और बाज़ार-उन्मुख प्रसंस्करण में निवेश करते रहते हैं।
हमारा वादा सरल है — प्रकृति की शुद्धता को बनाए रखते हुए प्रीमियम गुणवत्ता और पोषण वाले मशरूम उत्पाद देना, और उपभोक्ताओं, किसानों तथा समुदायों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना।
